संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के कार्यवाहक दूत ने तेहरान के ख़िलाफ़ कनाडा सरकार के प्रस्ताव को दुश्मनी से प्रेरित क़दम बताया है।
ग़ुलाम हुसैन दहक़ानी ने कहा कि कनाडा की सरकार, ईरान के ख़िलाफ़ मानवाधिकार के बहाने और उन लोगों के अधिकारों की रक्षा के नाम पर जिनके अधिकारों का कनाडा की सरकार के अनुसार ईरान में हनन हुआ है, दुश्मनी भरा क़दम उठा रही है। उन्होंने कहा कि मौजूद सुबूत यह दर्शाते हैं कि कनाडा की सरकार को न सिर्फ़ यह कि मानवाधिकार की कोई चिंता नहीं है बल्कि वह मानवाधिकार की रक्षा के अपने दावे में भी सच्ची नहीं है और इसका सुबूत ग़ज़्ज़ा की हालिया त्रासदी पर उसकी प्रतिक्रिया है।
ईरान के कार्यवाहक दूत ने कहा कि ऐसी हालत में जब दुनिया के लगभग सभी नेताओं ने ग़ज़्ज़ा के आम लोगों के ख़िलाफ़ अपराध के कारण इस्राईल की भर्त्सना की, कनाडा की सरकार अकेली ऐसी सरकार थी जिसने इस वैश्विक क़दम के ख़िलाफ़ दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने ईरान के ख़िलाफ़ कनाडा की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव को, विरोधाभासी, असंतुलित व पक्षपातपूर्ण बताया और कहा कि इस प्रस्ताव के मसौदे में सबसे बड़ी ग़लती यह है कि इसमें ईरानी समाज को बंद और केवल एक आवाज़ वाला दर्शाया गया है जबकि ईरानी समाज प्रगतिशील, तरुणामय और कई आवाज़ वाला है।
ज्ञात रहे कि संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति ने ईरान में मानवाधिकार की स्थिति के बारे में मंगलवार को कनाडा के प्रस्ताव के मसौदे की समीक्षा के लिए बैठक की और जैसा की पहले से लग रहा था, ईरान के ख़िलाफ़ इस प्रस्ताव को पारित किया। यह राजनीति से प्रेरित प्रस्ताव ऐसी स्थिति में पारित हुआ जब इसके पक्ष में आधे सदस्यों ने भी मतदान नहीं किया और ज़्यादातर देशों ने इसके विरुद्ध मतदान किया या मतदान में अनुपस्थित रहे।
19 नवंबर 2014 - 18:56
समाचार कोड: 652456
संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के कार्यवाहक दूत ने तेहरान के ख़िलाफ़ कनाडा सरकार के प्रस्ताव को दुश्मनी से प्रेरित क़दम बताया है।